महंगाई के खिलाफ झामुमो भी मैदान में उतरा, डीसी आफिस के सामने जोरदार प्रदर्शन

साकची आमबगान से निकाला जुलूस, जमीन पर बैठकर नमक-भात खाकर भी जताया विरोध

जमशेदपुरः महंगाई में तेजी से हो रही वृद्धि खासकर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी इजाफे को मुद्दा बनाकर राज्य में सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा भी आंदोलन के मैदान में उतर गया है. सोमवार को झामुमो की ओर से उपायुक्त कार्यलय पर जोरदार प्रदर्शन किया गया और अपने आंदोलन को दूसरे दलों से कुछ अलग दिखाने का भी प्रयास किया गया.

साकची आम बजान में जुटान, निकला जुलूस
इससे पहले पूरी तैयारी के साथ महंगाई पर अपना सियासी दमखम दिखाने झामुमो के नेता व कार्यकर्ता साकची आम बगान में जुटे. इसके बाद नारेबाजी करते पोस्टर-बैनर से साथ कुछ की दूरी पर स्थित उपायुक्त कार्यालय की ओर रवाना हुए.


जुलूस की शक्ल में नारे लगाते हुए झामुमो के नेता व कार्यकर्ता खुद को जनता का प्रबल हितैषी साबित करने का भी पूरा प्रयास करते नजर आए. उपायुक्त कार्यालय पर तो इसका प्रमाण भी मिल गया.

आंदोलन कोे दिया अलग तेवर व कलेवर


उपायुक्त कार्यालय के गेट के सामने नारेबाजी करने के क्रम में झामुमो के कुछ नेताओं को लगा कि क्यों न आंदोलन को नया तेवर व कलेवर दिया जाए. बस फिर क्या था. कुछ नेता व कार्यकर्ता वहीं जमीन पर बैठ गए. और तो और महंगाई के सामने खुद को असहाय हो जाने के रूप में निरुपित करते हुए इनलोगों ने वहीं जमीन पर बैठकर साथ लाए नमक-भात को दिन के भोजन के रूप में ग्रहण किया. ये दिखाना चाहते थे कि महंगाई की मार ऐसी हो गई है कि दाल, तेल व सब्जी आम आदमी की भोजन की थाली से दूर हो गए हैं. आम आदमी नमक-भात खाकर किसी तरह से जीवन यापन करने को मजबूर है.

सराय़केला जिले में भी झामुमो ने दिखाई ताकत

इधर सरायकेला- खरसावां जिला झामुमो ने भी केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जिले के उपायुक्त से मुलाकात कर एक मांग पत्र सौंपा है. उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से झामुमो नेताओं ने बताया कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार पूरी तरह से टूट चुके हैं. झामुमो ने केंद्र सरकार पर किसानों के आंदोलन की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया. पार्टी ने जल्द से जल्द पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी वापस लिए जाने की मांग की है.

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