प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना वैक्सीन की अधिकतम क़ीमत 250 रु, सरकारी अस्पतालों में मुफ्त

केंद्र ने तेलंगाना, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब, जम्मू और कश्मीर में कोरोना संक्रमण में तेज़ी की समीक्षा की

नई दिल्ली: केंद्र ने देश में कोविड-19 टीकाकरण को बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है. केंद्र ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कोविड टीकाकरण केंद्रों के रूप में काम करने वाले निजी अस्पताल टीके के लिए प्रति खुराक अधिकतम रु. 250 ही वसूलेंगे और इसमें 100 रु. का सेवा शुल्क भी शामिल होगा.

हालांकि, सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण पूरी तरह से मुफ्त रहेगा.

आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई के तहत लगभग 10,000 अस्पतालों का और सीजीएचएस के तहत 687 अस्पतालों का राज्यों द्वारा कोविड टीकाकरण केंद्र के रूप में उपयोग किया जा सकता है.

राज्यों को राज्य सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत सीवीसी के रूप में सूचीबद्ध सभी निजी अस्पतालों का उपयोग करने की स्वतंत्रता दी जा रही है.

दूसरी ओर, कैबिनेट सचिव श्री राजीव गौबा ने महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और जम्मू और कश्मीर के राज्यों / संघ शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की.

इन राज्यों में कोरोना के मामलों में तेज़ी देखी जा रही है. 6 राज्यों – महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात – ने पिछले 24 घंटों में नए मामलों में वृद्धि दिखाई है। महाराष्ट्र में 8,333 नये मामले दर्ज किए जा रहे हैं। इसके बाद केरल है जिसमें 3,671, जबकि पंजाब में पिछले 24 घंटों में 622 नये मामले सामने आए.

कैबिनेट सचिव ने दोहराया कि राज्यों को निरंतर कठोर सतर्कता बनाए रखने की आवश्यकता है. उन्हें सलाह दी गई कि वे अपनी सतर्कता को कम न करें.

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