राममंदिर निर्माण समर्पण अभियान को कोल्हान में मिला अपार समर्थनः परांडे

लक्ष्य का 90 प्रतिशत संग्रह चार दिन पहले ही हो गया था पूरा

झारखंड के 25 हजार गांवों व 32 लाख परिवारों से साधा गया संपर्क

हिंदुओं के नाम पर समाज में विभेद पैदा कर रहे राज्य के सीएम हेमंत सोरेन

जमशेदपुरः अयोध्या में भगवान श्रीराम के जन्म स्थान पर बनने जा रहे भव्य रामं मंदिर निर्माण को लेकर कोल्हान समेत पूरे झारखंड के लोगों ने दिल खोलकर समर्थन दिया. 44 दिन तक चले समर्पण निधि संग्रह अभियान का समापन 27 फरवरी को माघ पूर्णिमा के दिन हो गया. मकर संक्रांति 15 जनवरी के दिन विश्व हिंदू परिषद की अगुवाई में इस का शुभारंभ हुआ था. कोल्हान में चार दिन पहले तक 90 प्रतिशत तक लक्ष्य पूरा हो गया था. अंतिम चार दिनों में लोगों ने जैसा उत्साह दिखाया है, उसके आधार पर कहा जा सकता है कि कोल्हान संभाग से मंदिर निर्माण र्ण को लेकर उम्मीद के ज्यादा समर्थन मिला.


ये बातें विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने शनिवार को यहां एक संवाददाता सम्मलेन में कही. 44 दिन चले श्रीराम मंदिर निधि समर्पण अभियान के समापन दिवस पर जमशेदपुर पहुंचे विहिप नेता ने कहा कि आगामी साढ़े तीन साल में मंदिर निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा.


एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि समर्पण राशि संग्रह अभियान का एक मकसद समाज में
एकजुटता लाना भी था और इस काम में अच्छी सफलता मिली. राष्ट्रीय एकात्मकता की नींव मजबूत हुई. अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण हिंदू समाज के स्वाभिमान एवं अस्मिता का विषय रहा है। इस अभियान से राष्ट्रीय एकात्मकता की नींव मजबूत हुई. पूरे अभिय़ान के दौरान संपूर्ण समाज एकजुट खड़ा दिखा है।


यह पूछे जाने पर श्रीराम मंदिर के लिए हिंदुओं के अलावा दूसरे धर्म-संप्रदाय के लोगों का समर्थन कैसा रहा, विहिप नेता ने कहा कि दूसरे धर्मों के लोगों का भी अच्छा समर्थन मिला. केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने उन्हें बुलाकर डेढ़ लाख रुपए की निधि समर्पित की।
बौद्ध, जैन आदि धर्मावलंबियों ने भी बुला-बुलाकर समर्पण राशि दी।

सीएम पर साधा निशाना
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री पर राज्य की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया. आपको बता दें, कि कुछ दिनों पहले हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के आदिवासियों को हिंदू नहीं माना था। विहिप नेता का कहना था कि सीएम समाज में विभेद पैदा कर रहे हैं। संवाददाता सम्मेलन में बीएचपी के प्रांत प्रमुख, स्थानीय नेता खजांची लाल मित्तल, संघ के अभयकांत प्रसाद और महानगर मंत्री जनार्दन पांडे सहित अनेक लोग मौजूद थे।

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