राम मंदिर निर्माण के लिए दान देने को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह, कम पड़ जा रही हैं समर्पण निधि की रसीदें

शहर के हर इलाके में प्रातः काल से शुरू हो जा रहा निधि संग्रह का काम

देर रात तक घर घर जाकर लिया जा रहा भगवान राम के नाम से दान

27 फरवरी तक चलेगा अभियान, दस रूपये तक का भी दिया जा सकता सहयोग

जमशेदपुर अयोध्या में भगवान श्रीराम के जन्नस्थल पर भव्य मंदिर निर्माण को लेकर जमशेदपुर के लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. लोग मंदिर निर्माण के लिए समर्पण निधि देने को इतने पर दिख रहे कि उनके पास निधि संग्रह को पहुंचने वाले लोगों को रसीदें कम पड़ जा रहा. तुरंत किसी दूसरी टोली से संपर्क कर रसीदें मंगाकर लिया जा रहा आन जनता से दान. मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग

बुधवार सुबह राम मंदिर को लेकर निधि संग्रह करने निकली टोली को मानगो में कुछ ऐसी ही अनुभित हुई. पोस्ट आफिस रोड-बैकुंठ नगर-गुरुद्वारा रोड इलाके मे एक टोली निधि संग्रह का काम कर रही थी. घर घर जाकर. हर किसी के दरवाजे पर दस्तक देकर. बिना किसी भेदभाव के.. गरीब के घर पर भी औप अमीर के दरवाजे पर भी. लोग यथाशक्ति सहयोग निधि दे रहे थे. खुशी व उत्साह के साथ. लोगों के दमकते चेहते बता रहे थे कि राम मंदिर निर्माण के लिए निधि सहयोग करने का असवर जो मिला है. इसी भौतिक जीवन में.

मानगो बैकुंठनगर रोड नंबर चार में निधि संग्रह कर रहे सनातन संस्कारओं के वाहक व कारोबारी राजकुमार शर्मा ने कहा कि लोगों का मिल रहा समर्थन अभिभूत करनेवाला है. लक्ष्य से ज्यादा राशि मिल रही. लोगों के उत्साह से संतोष हो रहा कि हर कोई पवित्र काम से जुड़ा है. राजकुमार शर्मा मानगो के ही निरंजन गौतम, सुरेद्र गुप्ता, तन्मय. आदित्य व जीतू पांडेय जैसे धर्म के वाहकों के साथ हर रोज सुबह आठ बजे से दिन 12 बजे तक निधि संग्रह का काम कर रहे हैं.

उनकी टोली दस, एक सौ व एक हज़ार रुपये का कूपन लेकर पोस्ट ऑफिस रोड, बैकुंठ नगर,गुनोमोय कॉलोनी,पंजाबी लाइन,वर्कर्स कॉलेज रोड,गुरुद्वारी बस्ती,पारस नगर में घर – घर जाकर निधि संग्रह कर रही है.अब तक समर्पण निधि के रूप में इस टोली को 4.07.565/- रुपये मिले हैं. इस टोली का मुख्य उद्देश्य है कि हर घर तक पहुंचना और समर्पण राशि प्नात करना.

राम मंदिर के लिए चंदा संग्रह.

निधि संग्रह के दौरान एक खास बात यह सामने आई कि कई परिवारों में लोगों ने हर सदस्य के नाम से रसीद कटनवाई. किसी ने न्यूनतन दस रूपये की तो किसी ने एक सौ या अधिकतम एक हजार रुपये की. एक हजार से ज्यादा की राशि को चेक के माध्यम से दिया जा सकता है और लोग चेक से बड़ी रकम दे भी रहे हैं.
निधि संग्रह के दौरान उत्साह व श्रद्घा का आलम यह है कि बच्चे अपने गुल्लक तोड़कर रामजी के लिए दान कर रहे तो कई लोग अपने दिवंगत पूर्वजों के नाम से रसीद कटवा रहे हैं. ऐसे लोगों का मानना है कि दिवंगत लोग भले ही अपने जीवन में राम मंदिर निर्माण में भागीदार नहीं बन सके लेकिन स्वर्ग में भी उन्हें संतोष इस बात का होगा कि उनके परिजन-शुभचिंतकों के स्तर से भव्य मंदिर निर्माण का सपना जो पूरा होने जा रहा.

मंदिर के लिए चंदा संग्रह.

निधि संग्रह के लिए सिर्फ देने का ही उत्साह नजर नहीं आ रहा. घर-घर जाकर राशिल एकत्र करने में भी वैसी ही श्रद्धा व भक्ति देखी जा रही है. बड़-बड़े लोग अपनी व्यस्त दिनचर्या में से समय निकालकर घर-घर घूम रहे और अपने रामजी के लिए, अयोध्या में उनके मंदिर के लिए आम जनता से मांग रहे आर्थिक सहयोग और अनुभूति कर रहे परम आनंद की. मानगो समेत पूरे शहर में ऐसा ही माहौल देखा जा रहा.

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