पेट्रोल डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ सड़क पर उतरी भाजमो, डीसी आफिस पर प्रदर्शन

उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा- कारणों का उल्लेख कर समाधान के भी बताए उपाय
मुख्यमंत्रियों की बैठक बुला आम जनता को राहत दिलाने का करें उपाय, पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों को लेकर नीति बनाने का भी दिया सुझाव

जमशेदपुर । पेट्रोल व डीजल समेत तमाम पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर जमशेदपुर पूर्व के विधायक सरयू राय की पार्टी भारतीय जनता मोर्चा ने मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर इस मुद्दे पर सियासी ताकत दिखाई और न्य विपक्षी दलों से बढ़त भी ले ली.
प्रदर्शन करने आए नेताओं व कार्यकर्ताओं की भीड़ तो ठीकठाक थी ही. सरयू की पार्टी ने उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम जो ज्ञापन सौंपा उसमें इस समस्या पर पार्टी की गंभीर समझ भी सामने आई.
ज्ञापन में इस मूल्यवृद्धि के कारणों को तो दर्शाया ही गया है, साथ ही इससे निजात पाने का तरीका भी बताया गया है. बड़ी बात यह कि इस त्रापन में पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्य नीति निर्धारित करने की भी बात कही गई है. भाजमो के मेंटर सरयू राय जनहित से मामलो खासकर पानी व बिजली के शुल्क को लेकर राज्य सरकार को नीति बनाने का सुझाव दे चुके हैं. इस बार उनकी पार्टी ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया है. .
भाजमो के जिला अध्यश्र सुबोध श्रीवास्तव के नेतृत्व मे हुए इस प्रदर्शन में जमशेदपुर पूर्व व पश्चिम के भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं में बड़े ही उत्साह के साथ भाग लिया है. इसमें मुकुल मिश्रा, संजीव आच्रार्य, कुलविंदर संह पन्नू, मनोज सिंह उज्जैन, भास्कर मुखी. संतोष भगत, प्रमुराम मुंडा, वंदना नामता, विकास गुप्ता. धर्मेद्र प्रसाद, राजेश झा और आकाश साह समेत कई प्रमुख नेता शामिल थे.
बाद में उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञापन में भाजमो ने सिलसिलेवार तरीके से इस मूल्.वृद्धि के कारणों व जनता को निजात दिलाने के उपाय करने पर प्रकाश डाला है. भाजमो कहना है कि पेट्रोल-डीजल जैसे पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें बढ़ने से समाज का हर तबका प्रभावित है. जनता भी इस तथ्य से अवगत हो चुकी है कि केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों पर लगाया गया उत्पाद कर एवं राज्यों द्वारा लगाया गया वैट ही इस मूल्यवृद्धि का मूल्य कारण है.

पार्टी का यह भी कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब कच्चे तेल की कीमतें कम होती हैं तब भी सरकारें टैक्स बढ़ाकर पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें कम होने से रोक देती हैं. ऐसी स्थिति में सरकारों को जनहित में पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्य नीति निर्धारित करनी चाहिए और पेट्रोलियम पदार्थों का दाम बढ़ने से रोकना चाहिए.

पार्टी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि वे इस मसले पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों की अविलंब बैठक बुलाएं और इस मूल्य वृद्धि को रोकने के लिए आम सहमति बनाने की पहल करें ताकि आम जनता को इसका लाभ मिल सके इसका लाभ मिल सके.

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