हाई कोर्ट ने कोल्हान विश्वविद्यालय में संविदा पर असिस्टेंट प्रोफेसर होने वाली नियुक्ति पर रोक लगाई

रांचीः- कोल्हान विश्व विद्यालय से संविदा  के आधार पर असस्टेंट प्रोफेसर की होने वाली नियुक्त आधर में लटक गई है. झारखंड हाईकोर्ट ने नियुक्ति प्रकिर्या पर रोक लगा दी है।

झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत में कोल्हान यूनिवर्सिटी में संविदा पर असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई।

सुनवाई के बाद अदालत ने नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार और विश्वविद्यालय से इस मामले में जवाब तलब किया है।

सुनवाई के दौरान वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार व अधिवक्ता विकास कुमार ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद झारखंड हाईकोर्ट ने कई ऐसे आदेश दिए हैं जिसमें कहा गया है कि अगर विशेष परिस्थितियों में संविदा पर नियुक्ति की जाती है तो दोबारा उसी पद पर संविदा से होने वाली नियुक्ति से रिप्लेस नहीं किया जा सकता।

इसके बाद अदालत ने कोल्हान यूनिवर्सिटी में होने वाले नियुक्ति पर रोक लगा दिया है। हालांकि बिनोवा भावे यूनिवर्सिटी और विनोद बिहारी कोयलांचल यूनिवर्सिटी का मामला अभी हाईकोर्ट में लंबित है।

दरअसल राज्य सरकार ने वर्ष 2017 में कोल्हान विश्वविद्यालय, विनोबा भावे विश्वविद्यालय और विनोद बिहारी कोयलांचल विश्वविद्यालय में संविदा के आधार पर असिस्टेंट प्रोफ़ेसर की नियुक्ति की थी। हर साल प्रदर्शन के आधार पर इनकी अवधि बढ़ाई जाती थी। लेकिन जनवरी में राज्य सरकार ने नया विज्ञापन निकालते हुए कहा कि वर्ष 2017-18 में संविदा पर नियुक्त हुए असिस्टेंट प्रोफेसर की अवधि 31 मार्च 2021 को समाप्त हो रही है। इसलिए नई नियुक्ति की जाएगी।

इसमें पहले से काम करने वाले लोग भी आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद इस मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।

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