जिले के पूर्व एडीसी एच एन राम नहीं रहे

टीएमएच में ली अंतिम सांस

जमशेदपुर। प्रखर प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले और पूर्वी सिंहभूम जिले में घाटशिला से लेकर भी जमशेदपुर आदित्यपुर तक विभिन्न प्रशासनिक दायित्व को संभाल चुके एक एन राम यानी हरिनारायण राम (67)का शनिवार शाम 6.30 बजे टाटा मुख्य अस्पताल में निधन हो गया।

अंतिम संस्कार रविवार को होगा। अंतिम यात्रा रविवार को आवास से सुबह 10.30 बजे पार्वती घाट के लिए निकलेगी।

कैंसर को परास्त करने के क्रम में वह पिछले कुछ दिनों से गंभीर रूप से बीमार थे और अस्पताल की सीसीयू में उनका इलाज चल रहा था। वे अपने पीछे पत्नी श्रीमती दया राय, पुत्र डॉ0 अर्चिस मान को छोड़ गये हैं।

एच एन राम ने अपनी सरकारी सेवा की शुरुआत बिहार प्रशानिक सेवा से की थी। झारखण्ड बनने के बाद उन्होंने झारखंड प्रशानिक सेवा में रहने का फैसला किया था। झारखण्ड सरकार की सेवा से ही उन्होंने रिटायर किया था।

पूर्वी सिंहभूम से खास जुड़ाव

एच एन राम का पूर्वी सिंहभूम से खास जुड़ाव रहा। वे घाटशिला तथा धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी रहे। बाद में पूर्वी सिंहभूम के एडीसी बने। फिर आयडा के सचिव रहे। रांची में वित्त विभाग के अपर व विशेष सचिव भी रहे थे।

नौकरी से अवकाश ग्रहण करने के बाद उन्होंने जमशेदपुर में ही रहने का फैसला किया। वे आदित्यपुर के हरिओम नगर, स्थित हेवेन पैलेस निवासी थे।

राम अपनी प्रखरता के लिए खास तौर से जाने जाते थे। वे गजब के पढ़ाकू थे। किसी भी विषय का गहराई से अध्ययन कर बोलते थे। इतिहास पर मजबूत पकड़ थी। इसका श्रेय वे बिहार के मोतिहारी के प्रसिद्ध एम एस कॉलेज के प्राध्यापक रहे अपने गुरु प्रो. अवधेश प्रसाद को देते थे। राम मोतिहारी इलाके के ही मूल निवासी थे। उन्होंने कई पुस्तकें भी लिखी है। अनेक सेमिनार को संबोधित किया। उनके प्रशासनिक अनुभव का कमाल यह था कि नए आईएएस भी उनसे परामर्श लेते थे।

समाज सेवा में भी उनकी गहरी रुचि थी। गरीबों व असहायों की मदद को हमेशा तत्पर रहते थे। राम ने वरदान ज्योति नामक एक एनजीओ की भी स्थापना की थी, जिसके माध्यम से उन्होंने सैकड़ों निर्धन परिवार को उपचार में आर्थिक मदद की थी.

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