ग्रामीण क्षेत्रों में सरस्वती पूजा में दिखी आदिवासी परंपरा की झलक

पूर्वी सिंहभूम जिले के ग्रामीण क्षेत्र भिलाई पहाड़ी में विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा भिलाई पहाड़ी युवा संघ क्लब के स्थानीय युवाओं द्वारा 25 वर्ष से धूमधाम से मनाया जा रहा हैं।

तीन दिन तक चलने वाली मां सरस्वती की पूजा के तीसरे दिन मुख्य अतिथि के तौर पर जिला पार्षद पिंटू दत्ता उपस्थित रहे। इस दौरान बूढ़ी गाड़ी नाच आयोजन किया गया।कार्यक्रम के दौरान आदिवासी परंपरा का झलक देखने को मिला।

गुरुवार शाम पूजा पंडाल प्रांगण में अखिल ज्ञान उतनव क्लब ग्राम मालियन्ता टोला बोंडी भिलाई पहाड़ी के 30 छोटे बड़े महिला व 10 पुरुष के द्वारा आदिवासी सांस्कृतिक परंपरा का पालन करते हुए महिलाएं लाल पाड़ साधा साड़ी, कांसा का लोटा में मिट्टी और फूल सर में लेकर नित्य प्रस्तुति। वही 10 की संख्या में पुरुष हरा धोती और सादा कुर्ता पहन कर जोड़मॉडल,जोड़ धामसा, घंटा और जुमका के साथ बूढ़ी गाड़ी नांच का आयोजन किया।

इस दौरान दूरदराज से आए हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने उपस्थित होकर पूजा का आनंद उठाया। कार्यक्रम माझी बाबा बिपिन चंद्र मुर्मू के नेतृत में आदिवासी परंपरा के अनुसार नाच का आयोजन किया गया। 3 घंटे कार्यक्रम चलने के बाद सभी ग्रामीणों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

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