साकची में मंदिर तोड़ने का मामला गरमाया, हिंदूवादी संगठनों ने फिर से निर्माण कराने की मांग की

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कार्यालय से थोड़ी ही दूर पर बने ग्रेजुएट कॉलेज के नवनिर्मित भवन के बगल में हनुमान व शनि मंदिर तोड़े जाने का मामला गरमाने लगा है। 

हिंदूवादी संगठनों ने कंपनी और प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई कर नवनिर्मित मंदिर को तोड़ने का आरोप लगाया है। 

बुधवार को बिष्टुपुर स्थित हिंदू पीठ के अध्यक्ष अरुण सिंह के नेतृत्व में लोग नारा लगाते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन देकर मंदिर को फिर से बनाने की मांग की।

हिंदूवादी संगठन दो बातों को लेकर प्रशासन से खफा हैं। पहली बात यह कि जब मंदिर को लेकर हिंदूवादी संगठनों के साथ कंपनी व प्रशासन की वार्ता चल रही थी तो एकाएक बिना सूचना दिए एकतरफा कार्रवाई करते हुए मंदिर को क्यों तोड़ दिया गया ? 

दूसरी बात यह कि एक दूसरे धर्म का स्थल भी उसी मंदिर के नजदीक में हाल ही में बनाया गया है, तो फिर उसे क्यों छोड़ दिया गया?  उस पर क्यों नहीं कार्रवाई की गई?

हिंदूवादी संगठनों ने आशंका जताई है कि दूसरे धर्म के उस स्थल को यूं ही रहने दिया गया तो आने वाले दिनों में वहां व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ायी जा सकती हैं और लव जिहाद जैसे कार्यों को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जा सकता है, चूँकि बगल में ग्रेजुएट कॉलेज फॉर वूमेन का संचालन होने लगेगा।

उन्होंने आशंका जतायी कि ऐसी स्थिति में छात्राओं को निशाना बनाने की कोशिश की जा सकती है। हिंदू पीठ में प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करने की मांग की है।

हिंदू संगठनों ने मंदिर तोड़े जाने का विरोध किया.

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