जीत का जश्न मना रही टाटा वर्कर्स की टीम, विरोधियों ने गिरवाया ओला

अध्यक्ष संजीव चौधरी के सामने बड़ी चुनौती आरोपों की कार्ड खोजना सहज नही

यूनियन की ऐतिहासिक गरिमा को बरकरार रखते हुए मजदूर हित में कार्यशील रहने की बड़ी चुनौती

जमशेदपुर। ऐसी ही स्थिति को कहते हैं सिर मुड़ाते ही ओले पड़ना। टाटा वर्कर्स यूनियन की नई टीम ने 5 दिन पहले एक 11 फरवरी को जीत का प्रमाण पत्र हासिल किया था और अब चुनाव में अनियमितता बरतने पर उसे श्रम विभाग के नोटिस का सामना करना पड़ रहा है। संजीव उर्फ दोनों चौधरी की अगुवाई में यूनियन चली थी नए उत्साह के साथ अपने मिशन को अंजाम देने। लेकिन अब उसे श्रम विभाग के सवालों का जवाब देना पड़ेगा और लंबी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।

संजीव की टीम को विरोधियों के आरोपों की काट खोजने में भी श्रम और दूसरे साधन लगाने होंगे साथी अध्यक्ष को यूनियन के ऐतिहासिक गरिमा और मर्यादा को बचाकर रखने के लिए भी जतन करने होंगे। शुभ अवसर पर दोनों कार्य आसान नहीं। चुनौतियां बेशुमार हैं। इसीलिए आने वाले दिनों में भी मजदूरों के साथ साथ दूसरी यूनियनों के नेताओं की नजरें भी टाटा वर्कर्स यूनियन पर बनी रहेंगी की देश में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी यूनियन अपनी नई चुनौती का सामना किस तरह से कर रही है।


11 फरवरी से की नए सफर की शुरुआत

वर्कर्स यूनियन ने 11 फरवरी को अपने 12 वें अध्यक्ष संजीव चौधरी उर्फ़ टुन्नू चौधरी की अगुवाई में नए सफर की शुरुआत की। गत 31 जनवरी को हुए चुनाव व एक फरवरी को आये नतीजे के बाद गुरुवार को अध्यक्ष समेत 11 पदाधिकारियों और बाकी बचे 203 कमेटी मेमरों को चुनाव में विजयी होने का प्रमाण पत्र चुनाव पदाधिकारी संतोष कुमार सिंह द्वारा गर्मजोशी भरे समारोह में प्रदान किया गया। बिष्टुपुर के रोड पर स्थित यूनियन भवन के सभागार माइकल जॉन आडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में सभी 11 पदाधिकारियों और 203 कमेटी मेंम्बरों के चेहरे पर उत्साह की चमक साफ नजर आ रही थी। हालांकि अध्यक्ष टुन्नू चौधरी के हावभाव बता रहे थे कि अभी से उन्हें सामने चुनौती का भी भान है। उन्हें यह भी अहसास है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस, प्रो अब्दुल बारी, माइकल जॉन और वी जी गोपाल जैसे दिग्गजों ने अध्यक्ष रहते इस यूनियन की जो गरिमा प्रदान की उसे बचाये व बनाये रखना आसान नहीं है। यही वजह रही कि जब अपने संबोधन की बारी आई तो बड़े व भारी फूल मालाओं से लदे टुन्नू चौधरी ने साफ शब्दों में सन्देश दिया कि हमें यूनियन की ऐतिहासिक गरिमा को बरकरार रखते हुए मजदूर हित में कार्यशील रहना है। वहां मौजूद कई पदाधिकारी व कमेटी मेबर अध्यक्ष के इस सन्देश को वॉटसएपिया, फेसबुकिया और सोशल मीडिया के इस दौर में बहुत प्रासंगिक बताते दिखे। इनलोगों के कहने का भाव यह था कि बदलते समय में यूनियन की गरिमा को हर तरह से बचाने का काम सबको मिलकर करना होगा। इसमें नेतृत्व की भूमिका अहम होगी।


अध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारी सम्मानित

टाटा वर्कर्स यूनियन के निर्वाचन पदाधिकारी संतोष कुमार सिंह द्वारा यूनियन कार्यकारिणी समिति के सभी 214 सदस्यों और सभी 11पदाधिकारियों अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी, डिपुटी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार सिंह, महासचिव सतीश कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष हरिशंकर सिंह, उपाध्यक्ष शत्रुघ्न रॉय, शाहनवाज आलम, संजय कुमार सिंह और संजीव तिवारी, सहायक सचिव अजय चौधरी, सरोज कुमार सिंह और नितेश राज को प्रमाण पत्र एवं पुष्प गुच्छ डेकर सम्मानित किया गया l

इसके बाद सभी कार्यकारिणी सदस्यों को भी विभागवार आमन्त्रित कर उन्हें प्रमाण पत्र देकर और माला पहनाकर सम्मानित किया गया l

उधर, जीत का प्रमाण पत्र मिलने के साथ ही अध्यक्ष टुन्नू चौधरी की अगुवाई में टीम ने औपचारिक रूप से कामकाज संभाल लिया है। इस बार कई महासचिव सतीश सिंह समेत कई पदाधिकारी पुराने पदों पर ही दोबारा जीते हैं तो कोषाध्यक्ष पद पर नया चेहरा आया हालांकि पिछली कमेटी में वे दूसरे पद पर थे। अध्यक्ष संजीव चौधरी उर्फ़ टुन्नू चौधरी और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार सिंह कुछ साल के अंतराल पर पदाधिकारी बनकर यूनियन की सत्ता में लौटे हैं। दोनों पहले भी पदाधिकारी रह चुके हैं।


निर्वाचन पदाधिकारी संतोष सिंह और टीम का भी हुआ सम्मान

टाटा वर्कर्स यूनियन का चुनाव स्वच्छ, पारदर्शितापूर्ण और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए यूनियन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी ने यूनियन की ओर से निर्वाचन पदाधिकारी संतोष कुमार सिंह को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया l इसके साथ ही छह सदस्यीय निर्वाचन समिति के सदस्य पी के सिंह, ए के सिंह मुखिया, आशी कूमारी, नेहा महतो, ए के लकड़ा और नितिन कुमार झा को भी सम्मानित किया गया l अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी ने संतोष कुमार सिंह को सम्मानित करते हुए कहा कि यूनियन के चुनाव में सबसे कम उम्र के निर्वाचन पदाधिकारी होते हुए भी संतोष सिंह ने पारदर्शितापूर्ण चुनाव कराया जो एक मिसाल के तौर पर याद क़िया जाएगा l

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